Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
जोड़ों का दरà¥à¤¦,(joint pain) à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ है जो बढ़ती उमà¥à¤° के लोगों में आम हो गई है। इस दरà¥à¤¦ से राहत पाने के लिठलोग कई पà¥à¤°à¤•ार के तेल का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करते हैं साथ ही कई घरेलू नà¥à¤¸à¥à¤–े (home remedies) à¤à¥€ अपनाते हैं। à¤à¤¸à¤¾ ही à¤à¤• सरà¥à¤µà¤¾à¤§à¤¿à¤® पà¥à¤°à¤šà¤²à¤¿à¤¤ नà¥à¤¸à¥à¤–ा है आहार में अखरोट (Walnut) शामिल करना। अकसर कहा जाता है कि अखरोट का सेवन जोड़ों के दरà¥à¤¦ के लिठरामबाण इलाज होता है। पर कà¥à¤¯à¤¾ यह बात वाकई सच है? अगर हां, तो आइठजानते हैं यह कैसे काम करता है।
शरीर के जोड़ à¤à¤¸à¥€ जगह मानी जाती हैं, जहां दो या दो से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ (Bones) à¤à¤•-दूसरे से जà¥à¤¡à¤¼à¤¤à¥€ हैं जैसे कि कूलà¥à¤¹à¤¾ या फिर घà¥à¤Ÿà¤¨à¤¾à¥¤ जोड़ों में नरम हडà¥à¤¡à¥€ गदà¥à¤¦à¥‡ की तरह होती हैं जो दबाव में उनकी रकà¥à¤·à¤¾ करती हैं और गतिविधि को सरल बनाती हैं।
लेकिन जब किसी जोड़ में हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के बीच मौजूद कोमल पदारà¥à¤¥ नषà¥à¤Ÿ होने लगता है, तो हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¤• दूसरे से रगड़ खाने लगती हैं। जिसकी वजह से दरà¥à¤¦, सूजन और à¤à¤‚ठन होने लगती है। यही घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ का कारण बनता है।
हडà¥à¤¡à¥€ की मजबूती और अखरोट का संबंध!
अखरोट (Walnut) में कई घटक और पà¥à¤°à¥‰à¤ªà¤°à¥à¤Ÿà¥€à¤œ होती हैं, जो आपकी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और दांतों को मजबूत बनाने का काम करती हैं। अखरोट में अलà¥à¤«à¤¾-लिनोलेनिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ (alpha-linolenic acid) पाया जाता है, जिससे हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ मजबूत रहती हैं।
इसके अलावा अखरोट में ओमेगा-3 à¤à¤¸à¤¿à¤¡ (omega-3 acids) की मातà¥à¤°à¤¾ à¤à¥€ होती है, यह सूजन को दूर करता है। à¤à¤¸à¥‡ में अखरोट हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ (osteoporosis) होने से रोकता है। बढ़ती उमà¥à¤° के साथ जब शरीर की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ कमजोर होने लगती हैं, तो अखरोट हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को पोषक ततà¥à¤µ पहà¥à¤‚चाता है, जिससे दरà¥à¤¦ में राहत मिलती है।
राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ (National Institute of Health) दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ साà¤à¤¾ की गई जानकारी के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° 13 अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ में à¤à¤• विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ से पता चला है कि अखरोट खाने से सूजन में कमी आती है।
अखरोट विशेष रूप से ओमेगा -3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ में उचà¥à¤š होते हैं, जो गठिया के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को कम करने के लिठदिखाया गया है । à¤à¤• अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ में, संधिशोथ के 90 रोगियों ने ओमेगा -3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ या जैतून के तेल की खà¥à¤°à¤¾à¤• ली, जिससे उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ फायदा पहà¥à¤‚चा।
हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की मजबूती के लिठआप अखरोट का दो पà¥à¤°à¤•ार से सेवन कर सकती हैं-
1. à¤à¥€à¤—ा हà¥à¤† अखरोट
अगर आप अपने जोड़ों के दरà¥à¤¦ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाना चाहते हैं, तो इसके लिठआपको रोजाना सà¥à¤¬à¤¹ खाली पेट à¤à¥€à¤—े हà¥à¤ à¤à¤• अखरोट की गिरी को अचà¥à¤›à¥‡ से चबा चबाकर खाना होगा। à¤à¤¸à¤¾ करने से कà¥à¤› ही दिन में आपको इसके लाठनजर आने लगेंगे ।
2. गरà¥à¤® दूध के साथ खाà¤à¤‚ अखरोट दूध ( Milk ) में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की मातà¥à¤°à¤¾ काफी अचà¥à¤›à¥€ होती है। जिससे अखरोट ( Wall Nut ) दूध के साथ काफी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फायदेमंद होता है। घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के दरà¥à¤¦ से निजात पाने के लिठअखरोट का दूध के साथ सेवन करें। सà¥à¤¬à¤¹ खाली पेट दूध के साथ अखरोट रोजाना खाने से आपको लाठमहसूस होने लगेगा।
जरूरत से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ अखरोट का सेवन है हानिकारक!
यकीनन अखरोट के कई फायदे होते हैं, लेकिन इनका जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सेवन करने से अखरोट के साइड इफेकà¥à¤Ÿà¥à¤¸ à¤à¥€ देखने को मिल सकते हैं। पाचन तंतà¥à¤° में समसà¥à¤¯à¤¾, à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€, वजन बढ़ने की समसà¥à¤¯à¤¾ और अलà¥à¤¸à¤° की परेशानी अखरोट के जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सेवन के परिणाम हो सकते हैं।
| --------------------------- | --------------------------- |